Girnar Ropeway Junagadh Gujarat | एशिया का सबसे बड़ा गिरनार रोपवे की जानकारी हिंदी में

Girnar Ropeway Junagadh Gujarat एशिया का सबसे बड़ा गिरनार रोपवे की जानकारी हिंदी में :-एशिया का सबसे बड़ा रोपवे गुजरात के जूनागढ़ सिटी के समीप गिरनार  पर्वत पर निर्माण करवाया गया है।गिरनार पर्वत गुजरात का सबसे बड़ा पर्यटन स्थल और आस्था का प्रतीक है।  गिरनार पर्वत पर हिंदू , मुस्लिम , जैन ,धर्म के 1800 से भी ज्यादा छोटे बड़े मंदिर और मस्जिद है। गिरनार ऊपर तक पहुंचने के लिए 9999 चिढ़िया चडनी पढ़ती थी लेकिन गिरनार रोपवे आ जाने से 5500 चिढ़िया कम हो गई है।

और जूनागढ़ पर्वत पर पर्यटन स्थल में अशोक शिलालेख, बौद्ध गुफा, मोहब्बत मकबरा, अड़ी कड़ी की वावनवघण कुआं, ऊपरकोट किल्ला, राणक देवी महेल, सुदर्शन तलाव, दामा कुंड, पहाड़ और जंगल से घिरी ए सारी चीजें  देखने को खुद देवता भी तरसते हैं।

Girnar Hills Ropeway Junagadh
Girnar Ropeway Junagadh 

गिरनार पर्वत पर रोपवे की (उड़न खटोला )परिकल्पना सबसे पहले 1983 में गुजरात टूरिज्म कॉरपोरेशन द्वारा की गई थी लेकिन कुछ दिक्कत की वजह से प्रोजेक्ट काफी विलंबित हुआ ।

गिरनार रोपवे साल 1 में 2007 मैं नरेंद्र मोदीजी ने रुके हुए काम को शुरू करवाया। 

गिरनार रोपवे प्रोजेक्ट का काम ऑस्ट्रेलियन सिविल इंजीनियर टीम और भारतीय इंजीनियर टीम को सौंपा गया था।

Girnar ropeway start 2020 में गिरनार रोप वे को पर्यटन के लिए खुला कर देंगे,

गिरनार रोपवे प्रोजेक्ट भवनाथ तलहटी से लेकर अंबाजी मंदिर तक का है।

भवनाथ तलहटी से लेकर अंबाजी मंदिर तक की लंबाई 2.3 किलोमीटर की है।

जिसमें कुल 9 टावर है। जिसमें से 6 नंबर का टावर 1000 पत्थर के चिढि्या पर लगवाया गया है। जिसकी कुल उछाई 67 मीटर है। इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा टावर है।

शुरुआत के तबके में रोपवे पर 25 ट्रॉली लगाई जाएंगी ,एक ट्रॉली में 8 व्यक्ति की कैपेसिटी है।


• गिरनार रोपवे टाइमिंग - Girnar Ropeway Timeing In Hindi 

गिरनार रोपवे पूरे दिन चक्कर लगाएगा। भवनाथ तलहटी से मां अंबा मंदिर तक पहुंचने में केवल 17 से 20 मिनट लगेंगे।

और 1 घंटा पर्यटक को वहां पर घूमने और दर्शन करने का टाइम दिया जाएंगा और खाली ट्रॉली में वापस रिटर्न टिकट से  पर्यटन को भवनाथ तलहटी उतार देंगे।


• गिरनार रोपवे टिकट ऑनलाइन बुकिंग -Girnar Ropeway Ticket Online Booking 

गिरना रोपवे की टिकट प्रति व्यक्ति ₹700 रखी गई है। 5 से 10 साल के  बच्चों के लिए  ₹350  की टिकट रखी गई है। टिकट बुकिंग  ऑनलाइन(Online booking) और ऑफलाइन  दोनों तरीके से करवा सकते हो।   वहां के सामान्य डोली (पालकी) में जाने से काफी सस्ता है।

Girnar ropeway Online booking करने के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करें.

https://bit.ly/33nIVYn

इस लिंक के मदद से आप, गिरनार, अंबाजी, पावागढ़, मानसा देवी, चंडी देवी, जटायु पारा( जटायू पार्क केरल), मालूम पूजा, तारा तारिणी, इत्यादि स्थानों की ऑनलाइन बुकिंग (online booking)  कर सकते है।

डोली (पालकी ) की कीमत पर व्यक्ति कम से कम 5000 तक हो जाते थे। जो कोस्टली बहुत महंगे होते थे

उन लोगों को भी ध्यान में रखते हुए डोली (पालकी )वालों को गवर्नमेंट ने गिरनार पर्वत पर 1दुकान बनाने की परमिशन दी है। ताकि उनकी आमदनी होती रहे।

Girnar ropeway timing
Girnar Ropeway Junagadh 

• गिरनार रोपवे प्रोजेक्ट मैं आने वाली अड़चन

सबसे पहले रोपवे बनाने का खयाल राजरत्न सेठ नानजी कालीदास को आया था।   राजरत्न सेठ नानजी  कालिदास  ने  गवर्नमेंट को  खुद के पैसों से रोपवे बनाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन यहां के स्थानीय डोली (पालकी )वालों को देख कर उनका मन पिघल गया।

गिरनार रोपवे प्रोजेक्ट की परिकल्पना 1983 में गुजरात टूरिज्म कॉरपोरेट द्वारा करने में आई थी लेकिन स्थानीय लोगों और प्रकृति प्रेमी अनशन पर आ गए और काम को रुकवा दिया।

1990 मैं जूनागढ़ के धारासभ्य महेंद्र मशरू ने विधानसभा में रोपवे के लिए प्रथम मांग रखी गई।

गिरनार तलहटी से अंबा मंदिर तक की जमीन को ट्रांसलेट करने में भारत सरकार ने 1995 परमिशन दी।

1998 में गिरनार रोपवे संसदीय समिति ने दो बार मुलाकात ली थी।

24 मई 1999 मैं केंद्रीय उद्योग और खाद विभाग द्वारा रोपवे प्रोजेक्ट शुरू करने की सूचना दी गई। 

बाद में डोली (पालकी )वाले और तेडागरो ने हाईकोर्ट में सिविल पीस्टेशन केस फाइल किया। जो की उषा बेक्रो के साथ एग्रीमेंट किया गया और दिक्कत का निवारण आया।

बाद में यहां के स्थानीय डोली (पालकी) वाले लोगों ने लोही की साइन वाले लेटर गवर्नमेंट को दिए

25 मार्च 2002 के दिन राज्य सरकार ने गिरनार रोपवे प्रोजेक्ट की आखरी मंजूरी दी गई।

1 में 2007 मैं गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने रोपवे का खाद्य मुहूर्त किया।

गिरनार रोपवे दिक्कतों का मुख्य कारण गिरनार पर्वत पर सफेद पीठ और लंबे गर्दन वाले गिद्ध का बसेरा , और जैन तीर्थ स्थल , डोली (पालकी )वाले स्थानीय लोग

वाइल्ड लाइफ कमेटी ने गिरनार रोपवे प्रोजेक्ट की परमिशन की मोहर लगाई और रुके हुए काम को शुरू कर दिया।


• गिरनार रोपवे की खासियतेे - Features of Girnar Ropeway 

गिरनार रोपवे को भूकंप के झटके से बचने के लिए भूकंप रोधक मटेरियल और स्टैंडर्ड स्टील का उपयोग किया गया है। ट्रॉली के तार 50mm के रखे गए है।

गिरनार रोपवे की सभी ट्रॉली पारदर्शी बनाएगी है ताकि पर्यटन को गिरनार दर्शन और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकते हैं।

गिरनार रोपवे की ट्रॉली में स्मार्ट केमेरा और वायलेंस लगवाया गया है ताकि तार पर कोई परिंदा हो तो कैमरे में देख कर वायलेंस बजाकर परिंदे को उड़ा देंगे ताकि परिंदे को कोई नुकसान ना हो

गिरनार रोपवे प्रोजेक्ट के लिए एक पावर स्टेशन बनाया गया है।  ताकि जब लाइट चली जाए तब कोई दिक्कत ना हो।

गिरनार रोपवे के तलहटी वाले टेशन पर 5000 व्यक्ति को रुकने की व्यवस्था की गई है।

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Girnar Ropeway 

• गिरनार रोपवे के फायदे - Benefits of Girnar Ropeway

गिरनार रोपवे से देश विदेश में गुजरात एवं भारत का नाम ऊंचा होगा। गिरनार रोपवे बनने से गिरनार पर्वत को चार चांद लग गई है।

देश विदेश से पर्यटन घूमने आएंगे जिससे गुजरात टूरिज्म कॉरपोरेट को और स्थानीय लोगों को फायदा मिलेगा।

जो पर्यटन गिरनार चढ़ नहीं पाते और वृद्ध पर्यटन उनके लिए रोपवे बेस्ट वरदान साबित होगा।  रोपवे में बैठकर सवारी करने से गिरनार का कुदरती सौंदर्य और अद्भुत नजारे देखने को मिलेंगे।


गिरनार पर्वत की ज्यादा जानकारी के लिए नीचे दी गई लिंक पर क्लिक करेंhttps://www.tourandrtravel.com/2020/10/girnar-parvat-junagadh-gujarat-biggest.html


• गिरनार रोपवे की अन्य तस्वीरें ( फोटो गैलरी)

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